कौन कहता है के बस आसमान मे ही तारे होते है
जब आप जैसे दोस्त हमारे साथ होते है।
तब जमीन पर भी बेशुमार सितारे होते है।
अजिंठा . . . अजिंठा, तसाच हतबल, अबोल, तितकाच कठोर दिसणारा पण मनाने तितकाच मृदु, तितकाच देखणा, तितकाच अनुभवी, तितकाच पूर्ण व तितकाच अतृप्त...
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