सफ़र जारी रखो ...

सफ़र जारी रखो,

चाहे  मंज़िल की खबर न हो ।

चाहे छोड़ दे ये दुनिया ,

तुम अपनी उम्मीद कभी न छोड़ो।

जो आज तुम पर हँस रहे है ,

समय आने पर तुम्हें अपना बनाने के लिए पीछे लग जाएँगे ।

जो आज तुम्हे इस मोड़ पर , इस हाल में तन्हा छोड़ रहे है ,

एक दिन शर्म के मारे मन ही मन पछताएँगे ।

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