कर्ज़ चुकाना पड़ता है ...

कर्ज़ चुकाना पड़ता है ,

यह बात तो सच है ।

कोई मामूली चीज़ देकर लोग ,

किश्तों में कर्ज ले लेते है ।

जताते है , के वो मेहरबान है ,

सच तो ये है 

की हमारी साँसों का भी , ये हिसाब रखते है ।

किसी पर एतबार न करो यहा ,

रिश्तें भी खून के आंसू रुलाते है ।

ये जो इतना अपनापन दिखाते है ,

समय आने पर अपनी हैसियत दिखा ही देते है ।

कोई यह किसीका का नही ,

बस एक यही सच बात है ।

ये सब मतलब का बाजार है ,

जो हमारे सपने तक बेच देते है ।




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