इंतजार ...

 इंतजार ...

इंतजार का भी अपना एक मजा है,
इंतजार की भी मानो अपनी एक अदा है।

सालों तक बिता देते है लोग किसी के इंतजार में,
सब कुछ भूला देते है लोग किसी के इंतजार में।

हो जाते कभी उदास लोग किसी के इंतजार में,
फिर भी नही घटती है आस किसी के इंतजार में।

आता नही चैन और करार किसी के इंतजार में,
खो जाती है होशों आवाज़ किसी के इंतजार में।

ये इंतजार है, जो जीना सिखाता है,
ये इंतजार है, जो मरना भी बेहतर बनाता है।

ये इंतजार है, जो किसी चीज़ के पाने की क़ीमत सिखाता है,
ये इंतजार है, जो सब कुछ हार कर भी जितने की आस लगाता है।

और क्या कहे इंतजार के बारे में,
ये किस को नहीं हैं ?

हम तो मानते है, के जब तक जीवन है,
बस एक ही कायम चीज़ है, जो बस इंतजार हैं।

वैसे तो इसका अपना एक मजा हैं,
पर कभी मानों लगती ये कोई सजा हैं।

इंतजार भले ही जीवन त्रासदियुक्त करता हो,
पर इंतजार कभी मरने भी नही देता।

ये तो बस इंतजार हैं किसी चीज का, के लोग उस भरोसे हँसते हैं।
वरना यहाँ शिकायतों की कमी कहाँ !

ये तो इंतजार है, के लोग जीते हैं,
वरना यहाँ मरने का गम हैं कहाँ !

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