नया साल ...

यूं तो जो चीज आती है वह जाती है यह समझते हैं हम,

फिर भी कभी कभी किसी चीज को न गवाने की मन्नत करते हैं हम,                          

के यूं न जाना इस बार तू, आने वाले साल,

क्योंकि कुछ खास उम्मीद लिए बैठे हैं हम आज ...

अजिंठा . . .

  अजिंठा . . .  अजिंठा, तसाच हतबल, अबोल, तितकाच कठोर दिसणारा पण मनाने तितकाच मृदु, तितकाच देखणा, तितकाच अनुभवी, तितकाच पूर्ण व तितकाच अतृप्त...