हर एक चिज से इसलिए भाग रहे है ,
क्योंकि गर रुके तो शायद सांस नही ले पाएंगे ...
बात शायद कड़वी हो ,
पर सौ टका खरी है ,
नुकसान कभी भी एक तरफ से नही होता ...
अजिंठा . . . अजिंठा, तसाच हतबल, अबोल, तितकाच कठोर दिसणारा पण मनाने तितकाच मृदु, तितकाच देखणा, तितकाच अनुभवी, तितकाच पूर्ण व तितकाच अतृप्त...